
मौदहा से जिला ब्यूरो चीफ राजकुमार की रिपोर्ट
हमीरपुर। जिलाधिकारी अभिषेक गोयल के निर्देश पर मंगलवार को श्रम विभाग ने सुभाष बाजार क्षेत्र में बाल श्रम उन्मूलन के लिए विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर चार बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया, जबकि बाल श्रम कराने के आरोप में चार सेवायोजकों को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई शुरू की गई।

प्रभारी श्रम प्रवर्तन अधिकारी डी.पी. अग्रहरि ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जनपद में 1 जुलाई से 31 अगस्त तक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकान, कैटरिंग प्रतिष्ठान, मैरिज हॉल, मोटर गैराज समेत विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान मिले बाल श्रमिकों को तत्काल कार्यस्थल से मुक्त कर उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कराई गई। संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों को नोटिस जारी करते हुए कानूनी कार्रवाई की जा रही है। श्रम विभाग ने व्यापारियों और प्रतिष्ठान संचालकों से बाल श्रम न कराने तथा कानून का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है।
उन्होंने बताया कि बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत बाल श्रमिकों से कार्य कराना दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर ₹10 हजार से ₹70 हजार तक जुर्माना और एक माह से दो वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।
अभियान में श्रम विभाग, बाल कल्याण समिति, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, महिला कल्याण विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से भाग लेकर बाल श्रम के प्रति जनजागरूकता भी फैलाई।

